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APNI JANG/अपनी जंग

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अपने अपने आंसुओं को आँख में ही थाम रखो
कौन समझेगा तेरे आंसुओं का मोल यहाँ
सब उठाये फिरते हैं अपने दुखों का सलीब
कौन साथ दे और मरहम लगाएगा यहाँ
जो साथ आये रोने वो कम ग़मगीन न थे
जो भी रोया साथ आपबीती पे रोयेगा यहाँ
जोश भर हिम्मत जगा अपनी जंग खुद ही लड़,
है सबकी अपनी अपनी जंग हौसला कौन देगा यहाँ
अपने दुखड़े सुना सुना दूसरों को पस्त न कर
कौन सुने तेरी सुनाने को सब बेताब यहाँ
करोड़ों हड़प के भी नहीं मिटती है भूख उनकी
कौन तय करेगा असली भिखामंगा है कौन यहा
~ indira

cat on the beech

सीपियाँ/Indira's Hindi blog

अपने अपने आंसुओं को आँख में ही थाम रखो
कौन समझेगा तेरे आंसुओं का मोल यहाँ
सब उठाये फिरते हैं अपने दुखों का सलीब
कौन साथ दे और मरहम लगाएगा यहाँ
जो साथ आये रोने वो कम ग़मगीन न थे
जो भी रोया साथ आपबीती पे रोयेगा यहाँ
जोश भर हिम्मत जगा अपनी जंग खुद ही लड़,
है सबकी अपनी अपनी जंग हौसला कौन देगा यहाँ
अपने दुखड़े सुना सुना दूसरों को पस्त न कर
कौन सुने तेरी सुनाने को सब बेताब यहाँ
करोड़ों हड़प के भी नहीं मिटती है भूख उनकी
कौन तय करेगा असली भिखामंगा है कौन यहाँcat on the beech

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About Indira

I knew all along that life is about, love, compassion, compatibility and friendship, but now I have discovered that life is also about sharing thought, encouraging others and getting encouraged. So here I am with my blogs about life, friendship, love, and whatever life has taught me.

3 responses »

  1. अपनी जंग यूँ ही चलने दें. उन्हें भी अकल आ जायेगी.

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