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Safar/ सफ़र

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सफ़र

मंजिल तो हर कोई देखो एक ना एक दिन पायेगा

कैसे बीता था सफ़र याद ये रह जायेगा
कौन था सफ़र में साथ,कौन साथ छोड़ गया
बना कौन सफ़र में सीढ़ी कौन हाथ छोड़ गया
लेखा जोखा इतना ही याद बस रह जायेगा
कैसे बीता था सफ़र याद ये रह जाएगा |
मुश्किलों में डटे रहे या थक के हाल छोड़ दिया
फूल मिले खुश रहे या काँटों ने तोड़ दिया
कैसे काटा था समय याद ये रह जायेगा
कैसे बीता था सफ़र याद ये रह जायेगा |
रास्ते अनेक थे मंजिल को पाने के
तुमने राह नेक चुनी थी मुकाम पाने को
अलग राह जो चले थे उनसे बवाल किया
या बिना मलाल तुमने सबको स्वीकार किया
राह कटी कैसे थी याद ये रह जाएगा
कैसे बीता था सफ़र याद ये रह जाएगा
मंजिल तो हर कोई देखो एक ना एक दिन पायेगा |

~ इंदिरा 

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About Indira

I knew all along that life is about, love, compassion, compatibility and friendship, but now I have discovered that life is also about sharing thought, encouraging others and getting encouraged. So here I am with my blogs about life, friendship, love, and whatever life has taught me.

4 responses »

  1. कैसे बीता था सफ़र याद ये रह जाएगा।
    वाह,

    Liked by 1 person

    Reply
  2. Great lines and a good pic to support, loved it

    Liked by 1 person

    Reply

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