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Category Archives: Hindi Kavita

Reena’s Exploration Challenge #Week 44- Abstraction

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Reena’s Exploration Challenge #Week 44

challenge 44

The format can be a story/poem/rant/anecdotes/journalistic coverage of events/ reflections as usual.

Be straightforward friend
Don’t kill me with your sweetness
Scared of diabetes 
———————————
either you are happy
or sad
show it with full expression
suppression helps you not
only brings depression
you can’t live your life
with ideology alone
enjoy every bit of it
but
in moderation
—————————————-
हवा में सीलापन सा क्यों है कहीं पे कोई रोया है क्या?

महलों में सब सुविधा पाकर कहीं कोई तो   हँस  ना पाए,

जूठन पाकर झोपड़ीवाला  ख़ुशी के मारे  रोया है क्या?

दिन भर खूब मजूरी की पर  शाम को खाना  घर न आया

बिलख बिलख कर रोते कोई  भूख का मारा  सोया है क्या ?

लालच में वृक्ष काट लिए, बीज कभी भी बोये नहीं

 अब मौसम का रुख देखकर कहीं पर कोई रोया है  क्या?

बेटियां कितनी बलि चढ़ा  दी ,एक बेटे  के लालच में ,

आज उसी बेटी की खातिर किसीका का दिल कहीं  रोया है क्या?

सागर से मिलने वाली  नदियों का जल जब  सूख  गया,

आस लगा कर बैठा सागर,बिलख बिलख कर रोया है क्या?

पापों का लेखा जोखा कर कहीं कोई ग़मगीन हुआ क्या

कहीं कोई शैतान ठिठक कर हँसते हँसते रोया है क्या?

यूं तो कारण बहुत मिले , रोज़ रोज़ हँसने  गाने के

बहलाने को चेहरा छिपाकर, बार बार मुंह धोया है क्या

हवा में सीलापन सा क्यों है ?कही पे कोई रोया है क्या?

~इंदिरा

Translation in English

why breeze is so damp, has someone somewhere cried

some never smile even when they get all the comforts of the world

All the comforts at door, can’t make some smile

Has some poor laughed with a little more than expectation

has someone ever cried regretting no seed was ever sown

those who sacrificed girl fetus to get one son

has some mother ever shed tears remembering that girl

has some mother ever shed tears remembering that girl

has sea sometimes cried and longed for them

when the river water could not reach sea ’cause they dried with our negligence

has sea sometimes cried and longed for them
why breeze is so damp, has someone somewhere cried

बारिश/ Barish/ Rains

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Enjoying rains in Mumbai, of course from a safe distance.

सावन तो सावन है 
चपन का हो या 
बुढ़ापे का 
क्यों है शिकवा 
ज़माने से 
कागज़ भी है 
पानी भी है 
कौन रोकता है तुम्हे 
कश्ती तैराने से 
मन तो कभी बूढ़ा 
नहीं होता 
कौन रोकता है 
बच्चों की ख़ुशी में 
खुश हो जाने से 
छत से झांक कर 
मौज करते बच्चों को देखो 
कौन रोकता है 
बारिश का लुत्फ़ 
उठाने से 
~indira

Safar/ सफ़र

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सफ़र

मंजिल तो हर कोई देखो एक ना एक दिन पायेगा

कैसे बीता था सफ़र याद ये रह जायेगा
कौन था सफ़र में साथ,कौन साथ छोड़ गया
बना कौन सफ़र में सीढ़ी कौन हाथ छोड़ गया
लेखा जोखा इतना ही याद बस रह जायेगा
कैसे बीता था सफ़र याद ये रह जाएगा |
मुश्किलों में डटे रहे या थक के हाल छोड़ दिया
फूल मिले खुश रहे या काँटों ने तोड़ दिया
कैसे काटा था समय याद ये रह जायेगा
कैसे बीता था सफ़र याद ये रह जायेगा |
रास्ते अनेक थे मंजिल को पाने के
तुमने राह नेक चुनी थी मुकाम पाने को
अलग राह जो चले थे उनसे बवाल किया
या बिना मलाल तुमने सबको स्वीकार किया
राह कटी कैसे थी याद ये रह जाएगा
कैसे बीता था सफ़र याद ये रह जाएगा
मंजिल तो हर कोई देखो एक ना एक दिन पायेगा |

~ इंदिरा 

Sulah/सुलह

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क्या हुआ जो हर सपना पूरा ना हुआ,
जो मिला उसको अपना सपना मान लिया,
जिन्हें पास लाती गयी जिंदगी
उन्हीं को अपना मान लिया
यूं तो रोते रहने से
कुछ ना हासिल होता
जिंदगी ने मेरी
और
मैंने जिंदगी की
हर बेवफाई को
कोई मजबूरी मान लिया

 

जीत-हार

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जीत-हार

जिन्दगी सोचिये तो मजे का एक खेल है
या फिर सब खेलों की
मिलीजुली भेल है|
पति/पत्नी एक दूजे की हार बlल पे छक्के जमाते है
और कभी कभी बच्चे की एक गुगली पे  बोल्ड हो जाते हैं |
कभी आप ऑफिस में साथियों को
शतरंज के मोहरों की तरह नचाते हैं
कभी बॉस की एक चाल से चेकमेट हो जाते हैं|
कभी दुश्मनों के दस मुक्के हंस के झेल जाते हैं
कभी दोस्त के एक मुक्के से धराशायी हो जाते हैं|
कभी जिन्दगी की पूरी पारी खेल जाते हैं
कभी अम्पायर ऊँगली उठा देतो
आधी पारी में ही आउट हो जाते हैं|
एक ही जिंदगी में कई खेलों का मजा पाते हैं
कभी जीत के हार
कभी हार के जीत जाते हैं|

~ Indira

Badi Ajeeb Baat hai/बड़ी अजीब बात है

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बड़ी अजीब बात है
बड़े प्यारे नगमे हैं,गज़लें हैं,गीत हैं ,
पर हिट लिस्ट में कुछ और ही गीत आते हैं.
महान कवि नीरज
फिल्मों में सन्डे को प्यार हुआ,monday इकरार हुआ
लिख आते हैं.
गुलज़ार दिल को छूने वाले नगमों के बाद,
बीडी जलायले जिगर से ज्यादा नाम कमाते है.
जावेद जी ,जिनके हर नगमे पे हम दिल वार आते हैं,
एक,दो,तीन, चार…………बारह,तेरह से, ज्यादा प्रसिद्धि पाते हैं.
दिल को छूने वाले नगमे हम बस उदासी में
या महफिलों में गाते,सुनते,और सुनाते हैं
पर हिट?
कोलावारी-डी को करवाते हैं.

मैं हूँ

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मैं हूँ ‘
मानो तो हर जगह,
कण -कण में ,
पूरे ब्रह्मांड को एक धागे में पिरोये हुए |
मुझे आसमान में मत खोजो
मंदिर,मस्जिद,चर्च,गुरूद्वारे में मत खोजो
मैं तो हूँ
तुम्हारी हंसी में
तुम्हारी उदासी में
तुम्हारी जीत में
तुम्हारी पराजय में
तुम्हारी भक्ति में
तुम्हारी अभक्ति में
तुम्हारे प्यार में
तुम्हारी नफरत में
तुम्हारी आस्था में
तुम्हारी अनास्था में
तुम्हारे विश्वास में
तुम्हारे अविश्वास में
तुम्हारे स्वीकार में
तुम्हारे अस्वीकार में
तुम कहोगे ईश्वर है,तो में हूँ
तुम कहोगे ईश्वर नहीं है
उसमें भी मैं हूँ ना?

कोई रोया है क्या

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हवा में गीलापन सा क्यों है कहीं पे कोई रोया है क्या?
महलों में  सब सुविधा पाकर कभी तो कोई हंस ना पाए,
जूठन पाकर झोपडिवाला ख़ुशी के मारे  रोया है क्या?
अपने लालच में जो सारे  पेड़ तो हमने  काट लिए,
बीज कभी भी बोये नहीं,ये सोच के कोई रोया है  क्या?
कितनी बेटियां बलि चढ़ा  दी ,एक बेटा पाने  को शायद,
आज उसी बेटी की खातिर माँ का दिल कही रोया है क्या?
सागर से मिलने वाली  नदियों का जल सारा  जब  सूख  गया,
आस लगा कर बैठा सागर,बिलख बिलख कर रोया है क्या?
पापों का लेखा जोखा कर कहीं कोई ग़मगीन हुआ क्या
कहीं कोई शैतान ठिठक कर हँसते हँसते रोया है क्या?
हवा में सीलापन सा क्यों है कही पे कोई रोया है क्या ?

Pahchan/पहचान

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हर सुबह पूछती है,आज नया करने को कुछ है क्या?
 
हर रात पूछती है,आज क्या किया,
मन है की भटकाता रहता है
कभी कहता है यह करो,कभी कहता है वह करो ,
स्थिर नहीं रहने देता
यह भटकाव क्यों है
सब कुछ मिल के भी लगता है अभी कुछ पाना बाकि है ,
वह कुछ क्या है यह भी समझ नहीं आता.
क्या यही है बंजारापन?

Reena Saxena

Experiments in Creative Writing, and more ....

iScriblr

Life hacks, fashion and beauty tips, photography, health gyan, poetry and heartfelt musings about everything and anything under the sun!

AmazingShining

We are about Amazing Things.

meri dairy

act out

Shreyans writes

Deserving has a attitude & non deserving has an ego

rprakashrao

THIS LIFE IS ENOUGH TO PROVE THEM WRONG.

My camera and I...

“Go, fly, roam, travel, voyage, explore, journey, discover, adventure.”

VESSELS of VISION

LIVE LOVE LEAD AUTHENTICALLY

R K Karnani blog

My likes, my words, my poems.....

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Thoughts that provoke yours.

Hiren Khambhayta

Photographer - India

Whispers and Echoes

an online journal of short writing

Eldhiya Ghaits

Playing Words and Change the World!

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Crimson's prose, poems and photos

Something to Ponder About

Lifestyle, Travel, Traditional Art and Community

Myriad Musings

ansikegala aramane!

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